By Journalist Nidhi Mudgill
मौसम खराब होने के कारण उड़ान के बीच फिर अचानक सभी यात्रियों को सीट बेल्ट लगाने के लिए कहा गया, हमारी यात्रा में 2 छोटे बच्चे भी शामिल हैं। एक 2 साल तक का बच्चा प्लेन में सबके मनोरंजन का माध्यम बना हुआ है और सीट के आसपास वालों से प्यारी आवाज़ में कुछ बोल भी रहा है, वहीं दूसरी ओर एक और छोटा बच्चा करीब 10 महीने का होगा, मेरी आगे वाली सीट पर ही है, आते ही पूरे प्लेन में बच्चे ने रो रो कर पूरा प्लेन सर पर उठा लिया, कोरोना दौर है इसलिए सभी ने मस्क और पीपीटी किट पहनी हुई है, ऐसे में बच्चे का रोना भी लाजमी है।
रोते हुए बच्चे को एयरहोस्टेस से लेकर सह यात्री सभी चुप कराने में लगे हुए हैं, लेकिन अब बच्चा थोड़ा शांत है शायद सोने भी वाला है, दरअसल बच्चे के पापा मेरी साइड वाली सीट पर ही बैठे हैं, बच्चे को रोता देख बोहत टेंशन में आ गए थे।
आए भी क्यों ना एक पिता अपने बच्चे से इतना प्यार जो करता है, कुछ देर पहले आगे वाली सीट से बच्चे का छोटा सा हाथ थामा हुआ था, ये दृश्य अब तक का सबसे सकून देने वाला दृश्य था, मन तो था उस दृश्य को कैमरा में क़ैद करलू लेकिन मैं उस पल को आंखों से देखकर ही खुश थी मुझे ठीक नहीं लगा की इस पल मैं एक पिता और एक बच्चे को डिस्टर्ब करू।
