नमस्कार, आदाब, सत श्री अकाल, जय भीम, जोहार! मैं हूं निधि मुदगिल, पत्रकारिता की दुनिया में एक मजबूत आवाज और एक क्रांतिकारी राजनीतिक रणनीतिकार।
अंजली जी के साथ मैं पिछले सितंबर से रह रही हूं, देखते ही देखते सितंबर 2024 भी खत्म होने वाला है। हालांकि बीच में उनकी तबीयत खराब होने के कारण वह तीन महीनों के लिए बॉम्बे चली गई थी, मुझे लगा था वो दिल्ली अब कभी नहीं आएंगी क्योंकि मुझे ही पता है अपॉलो अस्पताल में उनकी हालात कितनी बिगड़ गई थी, वो काफी बीमार हो गई थी, मैं तब और गबरा गई थी जब डॉक्टर ने पेपर्स पर मेरे साइन लेने शुरू किए, ऐसे में उनके परिवार से किसी का यहां होना जरूरी था तो, मैंने जीजू को बिना देर करते हुए आने को कहा पहले मुझे लगा था मैं अकेले संभाल लूंगी लेकिन फिर मुझे लगा की उन्हें अभी परिवार का साथ मिलेगा तो वो जल्दी ठीक हो जाएंगी, जीजू भी तुरंत फ्लाइट से दिल्ली आ और फिर अंजली जी को अपने साथ बॉम्बे ले गए, तीन महीने वर्क फ्रॉम होम सपने जैसा था लेकिन उन्हें रिपब्लिक ने साथ दिया और जल्द ही अंजली स्वस्थ होती चली गईं। एक साल कैसे निकल गया पता ही नहीं चला, हां पता अब चल रहा है जब वो पिछले कई दिनों से फिर से अपने घर बॉम्बे गईं हुई हैं। करीब 15 दिनों के बाद आज वो लौट रही हैं, उनके यहां न होने से मैं उलझ जाती हूं। जिसके बाद मुझे एहसास हुआ कि मुझे उनके साथ ही आदत हो गई हैं। उनके प्यार और अपनेपन की आदत हो गई हैं। खैर, मैं उम्मीद करती हूं हमारा रिश्ता ऐसे ही बरकरार रहे, और किसी की नजर न लगे, आज मैं सुबह से काफी खुश हूं, उनके खाने को लेकर सुबह से तैयारी में लगी थी, चदर भी धो डाली ताकि उन्हें लगे की पिछले 15 दिन में चददर बदली गई है, उनके बिना उलझ सी जाती हूं, वो होती हैं तो फ्लैट में ज्यादा सुरक्षित महसूस होता है, फिर भी एक सुरक्षा का अनुभव होता है, शायद इसलिए जब वो फिर से दिल्ली आईं तो उन्होंने मेरे साथ ही रहना का फैसला लिया, मुझे लगा था लोगों ने उन्हें मेरे प्रति भड़का न दिया हो क्योंकि इससे पहले भी कुछ लोग मुझे लेकर टिप्पणी कर चुके थे कि निधि के साथ कैसे रह लेते हो, वो खतरनाक है। अब मेरे साथ खतरा क्या है ये चीज़ मुझे आज तक समझ नहीं आई, खैर हो सकता है ये वो भड़काऊ लोग थे जिन्हें पसंद नहीं कि दो लोग बेहतर ढंग से एक साथ रह रहे हैं, वो भी बिना लड़ाई किए, खैर अभी आगे के साथ के बारे में पता नहीं जिंदगी कहां लेकर जाएगी लेकिन फिलहाल तो अंजली और निधि साथ एक कमरे में रहते हैं। रिपब्लिक का माहौल भी आजकल गर्म रहता है, ऐसे में नौकरी का खतरा लगातार बना रहता है, मुझे नहीं पता हमारा कल कैसा होगा, लेकिन आज बहुत सुरक्षित और परफेक्ट है। मुझे खुशी है कि भगवान ने मुझे एक अच्छे साथी से मिलवाया जिसके साथ मैंने साल गुजारा, इसी तरह प्यार से हम रहते जाए और तो क्या ही चाहिए। सब स्वस्थ रहे और आज़ाद रहे, खुश रहे।
Sunday, September 22, 2024
अंजली जी 15 दिन बाद दिल्ली आ रही है
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